कक्षा 10 विज्ञान: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (आसान नोट्स और उदाहरण)
कक्षा 10 विज्ञान के पहले अध्याय के आसान हिंदी नोट्स: रासायनिक समीकरण संतुलित करना, अभिक्रियाओं के प्रकार, ऑक्सीकरण-अपचयन, संक्षारण और विकृतगंधिता, उदाहरण और अभ्यास प्रश्नों सहित।
CodeOrbit Learn TeamPublished 4 min read
रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण कक्षा 10 विज्ञान (रसायन) का पहला अध्याय है। यह आसान है और बोर्ड परीक्षा में इससे सीधे प्रश्न आते हैं। ये नोट्स NCERT के अनुसार हैं, जिसे BSEB और CBSE दोनों पढ़ाते हैं।
रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं?
जब पदार्थ आपस में क्रिया करके नए गुणों वाले नए पदार्थ बनाते हैं, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
पहचानने के संकेत:
- अवस्था में परिवर्तन
- रंग में परिवर्तन
- गैस का निकलना
- ताप में परिवर्तन (गर्म या ठंडा होना)
उदाहरण: मैग्नीशियम का फीता हवा में जलाने पर चमकदार सफ़ेद लौ के साथ सफ़ेद चूर्ण (मैग्नीशियम ऑक्साइड) बनता है।
2Mg + O₂ → 2MgOरासायनिक समीकरण और उसे संतुलित करना
संतुलित समीकरण में बाएँ (अभिकारक) और दाएँ (उत्पाद) दोनों ओर हर तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर होती है, क्योंकि द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है।
उदाहरण: लोहे की भाप से अभिक्रिया
असंतुलित: Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂
संतुलित: 3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂संतुलित करने के आसान स्टेप:
- सबसे ज़्यादा परमाणुओं वाले यौगिक से शुरू करें (यहाँ Fe₃O₄)।
- ऑक्सीजन बराबर करें: दाईं ओर 4 O हैं, इसलिए H₂O के आगे 4 लिखें।
- हाइड्रोजन बराबर करें: बाईं ओर 8 H हैं, इसलिए H₂ के आगे 4 लिखें।
- अंत में Fe बराबर करें: Fe के आगे 3 लिखें।
- दोनों ओर गिनती करके जाँचें।
रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार
प्रकार | क्या होता है | उदाहरण |
|---|---|---|
संयोजन | दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं | CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना) |
वियोजन | एक पदार्थ टूटकर कई पदार्थ बनाता है | CaCO₃ → CaO + CO₂ (गर्म करने पर) |
विस्थापन | अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील को हटाता है | Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu |
द्विविस्थापन | दो यौगिक आपस में आयन बदलते हैं | Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ + 2NaCl |
रेडॉक्स | एक साथ ऑक्सीकरण और अपचयन | CuO + H₂ → Cu + H₂O |
वियोजन के तीन रूप
- ऊष्मीय वियोजन: गर्म करने से, जैसे चूना पत्थर से बिना बुझा चूना।
- विद्युत वियोजन: बिजली से, जैसे पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन (2H₂O → 2H₂ + O₂)।
- प्रकाशीय वियोजन: प्रकाश से, जैसे सिल्वर क्लोराइड धूप में धूसर हो जाता है (2AgCl → 2Ag + Cl₂)। इसका उपयोग श्वेत-श्याम फ़ोटोग्राफ़ी में होता था।
ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी
- ऊष्माक्षेपी: ऊष्मा निकलती है, जैसे श्वसन, प्राकृतिक गैस का जलना, बिना बुझे चूने में पानी डालना।
- ऊष्माशोषी: ऊष्मा ली जाती है, जैसे अधिकांश वियोजन अभिक्रियाएँ।
ऑक्सीकरण और अपचयन
ऑक्सीकरण | अपचयन |
|---|---|
ऑक्सीजन जुड़ना | ऑक्सीजन हटना |
हाइड्रोजन हटना | हाइड्रोजन जुड़ना |
उदाहरण: CuO + H₂ → Cu + H₂O
- CuO का अपचयन हुआ (ऑक्सीजन हटी)।
- H₂ का ऑक्सीकरण हुआ (ऑक्सीजन जुड़ी)।
- जो पदार्थ दूसरे को ऑक्सीजन देता है वह ऑक्सीकारक (यहाँ CuO) और जो ऑक्सीजन लेता है वह अपचायक (यहाँ H₂) कहलाता है।
दैनिक जीवन में ऑक्सीकरण
संक्षारण (जंग लगना)
धातु पर नमी, हवा और अम्ल के कारण धीरे-धीरे नुकसान को संक्षारण कहते हैं। लोहे पर भूरी परत (जंग), चाँदी पर काली परत, ताँबे पर हरी परत इसके उदाहरण हैं।
बचाव: पेंट करना, तेल या ग्रीस लगाना, जस्तीकरण (ज़िंक की परत), मिश्रधातु बनाना।
विकृतगंधिता (खाने का बासी होना)
तेल और वसा वाले खाने का ऑक्सीकरण होने से उसका स्वाद और गंध बदल जाते हैं। इसे विकृतगंधिता कहते हैं।
बचाव: एयरटाइट डिब्बे, फ्रिज, एंटीऑक्सीडेंट मिलाना, और चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरना।
अभ्यास प्रश्न
- संतुलित करें: H₂ + O₂ → H₂O
- नीचे दी गई अभिक्रिया का प्रकार बताइए: 2KClO₃ → 2KCl + 3O₂
- CuO + H₂ → Cu + H₂O में ऑक्सीकारक कौन है?
- चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन क्यों भरी जाती है?
उत्तर:
- 2H₂ + O₂ → 2H₂O
- ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया
- CuO (यह हाइड्रोजन को ऑक्सीजन देता है)
- ताकि ऑक्सीकरण न हो और चिप्स बासी (विकृतगंधी) न हों।
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Frequently asked questions
रासायनिक समीकरण को संतुलित क्यों करते हैं?
द्रव्यमान संरक्षण के नियम के कारण। रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु न बनते हैं, न नष्ट होते हैं, इसलिए दोनों ओर उनकी संख्या बराबर होनी चाहिए।
विस्थापन और द्विविस्थापन अभिक्रिया में क्या अंतर है?
विस्थापन में एक तत्व किसी यौगिक से दूसरे तत्व को हटाता है। द्विविस्थापन में दो यौगिक आपस में आयनों की अदला-बदली करते हैं।
श्वसन ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों है?
श्वसन में ग्लूकोज़ का ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा निकलती है, जो शरीर के काम आती है। इसलिए यह ऊष्माक्षेपी है।